बीईओ साहब ने चखा एमडीएम का स्वाद, लेकिन 'मीनू' का जायका भूले: रोटी के दिन मजे से उड़ाया दाल और चावल।
रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली
चंदौली। नौगढ़ क्षेत्र में ,परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) की गुणवत्ता जांचने निकले अधिकारियों का अपना ही एक अलग 'स्वाद' और 'अंदाज़' है। मामला नौगढ़ विकासखंड का है, जहाँ खंड शिक्षा अधिकारी लालमनी कनौजिया (बीईओ) साहब ने अपने कार्यालय के ठीक बगल में स्थित कंपोजिट विद्यालय बाघी का औचक निरीक्षण किया। बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए साहब ने स्वयं निवाला तो चखा, लेकिन इस 'स्वाद परीक्षा' में एक बड़ा दिलचस्प मोड़ आ गया—साहब भोजन का स्वाद लेने में इतने मगन हो गए कि आज का तय 'मीनू' ही भूल गए!
सरकारी मीनू के मुताबिक गुरुवार को बच्चों की थाली में गरमा-गरम रोटी और दाल परोसी जानी थी। लेकिन विद्यालय में तो साहब के सामने दाल और चावल की थाली सज गई। बीईओ साहब ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के बड़े चाव से बच्चों के साथ दाल-चावल का जायका लिया, स्वाद और पौष्टिकता पर संतुष्टि भी जताई, और स्वच्छता बनाए रखने का पाठ पढ़ा डाला।
निरीक्षण का यह नजारा देखकर विद्यालय परिसर में दबी ज़ुबान चर्चा शुरू हो गई कि “साहब, गुणवत्ता तो परख गए, लेकिन मीनू का क्या?” जो अधिकारी अपनी नाक के नीचे (कार्यालय के ठीक समीप) स्थित विद्यालय में गुरुवार को रोटी की जगह चावल परोसे जाने पर ध्यान न दे सके, वे बाकी दूर-दराज के विद्यालयों में योजना के मानकों का पालन कैसे कराएंगे?
हालांकि, निरीक्षण के दौरान साहब ने हमेशा की तरह कड़ा रुख अपनाते हुए चेताया कि पीएम पोषण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। अब देखना यह है कि निरीक्षण में गुणवत्ता पास करने वाले साहब 'मीनू की इस गड़बड़ी' पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर दाल-चावल के स्वाद में यह बात भी आई-गई हो जाएगी!





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